एक कथावाचक पर पेशाब चिड़का गया और गांजा किया गया जाने पूरा सच #etawah #up #news

मेरी दोनों आंखें खराब है मुझे मारा गया पिटा गया मैं आंखों से देखा नहीं पाता हूं


एक कथावाचक पर पेशाब चिड़का गया और गांजा किया गया

इस कथावाचक को कोई धर्म पूछ कर नहीं पीटा गया इस कथावाचक की गलती यही थी कि इन्होंने पहले नहीं बताया कि है यादव हैं जो कथावाचक हैं यह ब्राह्मणों के गांव में कथा करने गए थे कथा करने गए थे और यहां पर कथा करते वक्त एक यहां के व्यक्तियों ने पूछ लिया कि आप कौन सी जाति के हो कथावाचक ने बताया कि हम यादव जाति से हैं ब्राह्मणों ने यह बोला की कथा करने का हक खाली ब्राह्मणों का है तुम नीचे चमार यादव होकर हमारी कथा करोगे यह हमारा हक है तुम कैसे कर सकते हो इसी कारण वर्ष यहां के ब्राह्मणों ने इस कथावाचक को पीटा और इन पर पेशाब छिड़ाका गया और इसका सिर मुंडवा दिया गया और सभी लोगों के पैर छुए गए और कथावाचक से नाक रगड़वाई गई जो यहां की में महिला थी ब्राह्मणी उसका मूत्र लेकर उनके ऊपर छिड़काव कर गया सही यह है पवित्र हो गए हैं आप सोच सकते हो मानसिकता है इस 2025 के जमाने में यह हाल है तो पुराने समय में क्या हाल रहा होगा यह जात-पात की बात इतनी बढ़ चुकी है और पहले कितने होगी कुए से पानी नहीं लेने देते थे आज भी हमारा देश इसलिए बर्बादी के कतार पर है कि हमारे यहां पर ऊंच नीच देखा जाता है वैसे हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं लोग पर इस मुद्दे पर कोई आगे बढ़कर नहीं आ रहा है इतनी बीच बना कर है इस व्यक्ति के साथ और उनके जो साथ के सहयोगी थे ढोलक बजाने वाले गायक उनके साथ भी मारपीट करी गई है इसमें से एक व्यक्ति आंखों से देखा नहीं पता था उसको भी पीटा गया है 
भगवान का नाम लेने का हक खाली ब्राह्मणों को है क्या और जाति वालों बनी है क्या इन्होंने मंदिरों में भी अपनी मनमानी करी है मंदिरों में पैसे देते हैं जो उनका दर्शन करते हैं जो पैसे नहीं देते अपने सर्दा से आगे बढ़ते हुए दर्शन करना चाहते हैं उनको यह रुकने भी नहीं देते धक्का मारने भगा देते हैं आप हमारी बात से सहमत हो क्या तो हमें कमेंट में जरूर बताएं एक मंदिर का पुजारी क्या ब्राह्मणी हो सकता है क्या और किसी जाति का नहीं हो सकता इसीलिए कबीर दास जी ने भी एक दोहा कहा है   :- 


जाति न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान। मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान
























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अब इस विवाद पर राजनीति होने लगी है यादव समाज की तरफ से अखिलेश यादव सामने आए हैं जिन्होंने इन कथावाचकों का और गायों का सहयोग कर है और साथ में इनको 51 51 हजार रुपए की धनराशि दी है और इनका सम्मान दिलाने और हक दिलाने की बात रखते हुए गुनहगारों को सजा दिलाने की बात की है अब देखते हैं योगी सरकार क्या एक्शन लेगी फिलहाल कुछ सूत्रों के पता चला है कि चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है


अकलेश यादव पीड़ितों को व्यक्ति को 51 हजार रुपये दिये








यह हिंदुस्तान में जातिवाद कब खत्म होगा

इटावा में 21 तारीख को एक कथावाचक के साथ बदसलूकी की गई। कथावाचक ने बताया कि उन्हें यादव होने के कारण मारा-पीटा गया, उनके बाल काटे गए, ₹25,000 और सोने की चेन ले ली गई, और उन पर पेशाब छिड़ककर कहा गया 'अब तुम पवित्र हो'। इस घटना के बाद अखिलेश यादव ने कथावाचक को बुलाकर सम्मान दिया और ₹51,000 का पुरस्कार दिया। 




Etawah Police 🆚  yadav

Etawah में यदुवंशी कथा के दौरान माहौल गरमा गया। कथावाचक के बयान के बाद Yadav समुदाय में भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसके चलते हिंसा भड़क गई। LIVE अपडेट्स में जानिए कि कैसे बढ़ा विवाद, क्या है प्रशासन की तैयारी और अब तक क्या कदम उठाए गए। Etawah News: उत्तर प्रदेश के इटावा में गुरुवार को जमकर बवाल हुआ. यहां यादवों के एक संगठन के लोगों की पुलिस से भिड़ंत हो गई. मामला यादवों के संगठन की तरफ से पत्थबाजी से शुरू हुई. और फिर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. फायरिंग भी हुई. दरअसल, ये बवाल दो यादव कथावाचकों के साथ मारपीट और बदसलूकी के मामले को लेकर हुई है. ये घटना दांदरपुर गांव में हुई थी.


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